NCERT Solutions for Class 4 पर्यावरण अध्ययन Chapter 1 चलो ,चलें स्कूल!

NCERT Solutions for Class 4 पर्यावरण अध्ययन Chapter 1 चलो ,चलें स्कूल!

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 1)
चलो, करके देखें ।

प्रश्न 1.
कुछ ईंटें लो। इन्हें किसी खुली जगह पर सीधी लाइन में रखो, जैसे चित्र में दिखाया गया है। अब इन पर चलने की कोशिश करो। क्या यह आसान लगा?
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उत्तर:
हाँ, यह आसान लगा।

प्रश्न 2.
अपनी टीचर की मदद से चार पाँच बॉसों को बाँध कर एक छोटा सा पुल बनाओ। उस पर चल कर देखो।
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(क) तुम्हें कैसा लगा?
(ख) गिरे तो नहीं?
उत्तर:
(क) मुझे बहुत मजा आया।
(ख) गिरा नहीं, परन्तु यह थोड़ा कठिन था।

प्रश्न 3.
जूते या चप्पल पहन कर पुल पर चलना ज्यादा आसान होगा या नंगे पैर? क्यों?
उत्तर:
नंगे पैर पुल पर चलना ज्यादा आसान होगा। क्योंकि नंगा पैर उस तरह के बॉस पर ज्यादा पकड़ देता है।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 2)
करके देखो।
प्रश्न 1.
चित्र 1 और 2 को देखो। बच्चे कुँए से बाल्टी खींच रहे हैं। क्या दोनों चित्रों में अंतर बता सकते हो?
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उत्तर:
पहले चित्र में एक बच्चा कुँए से बिना पुली के बाल्टी खींच रहा है। दूसरे चित्र में एक बच्चा कुँए से पुली के सहारे पानी की भरी हुई बाल्टी खींच रहा है।

प्रश्न 2.
इन दोनों में से किस तरह से खींचना आसान होगा-पुली (घिरनी) के साथ या बिना पुली के?
उत्तर:
इन दोनों तरीकों में पुली के साथ कुँए से भरी हुई बाल्टी खींचना ज्यादा आसान होगा।

प्रश्न 3.
अपने आस-पास देखो। तुम कहाँ-कहाँ पुली का प्रयोग देखते हो? उनकी सूची बनाओ।
उत्तर:
मैंने वैसी पुली कंस्ट्रक्शन कार्य वाली जगहों पर, झंडे को फहराते समय देखा है। वैसी पुली का उपयोग करने से भारी वस्तुओं को उठाने में आसानी होती है।

प्रश्न 4.
तुम भी चरखी या खाली धागे की रील से पुली बनाकर कुछ सामान उठाने की कोशिश करो।
उत्तर:
स्वयं करो।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 3)
प्रश्न 1.
यह पुल बाँस के बने पुल से किस तरह अलग है?
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उत्तर:
यह सीमेंट, गिट्टी तथा लोहे के उपयोग से बना एक पुल है। यह पुल बाँस के बने पुल से ज्यादा मजबूत एवं टिकाऊ है।

प्रश्न 2.
अंदाजा लगाओ, इस पुल को एक समय पर कितने लोग पार कर सकते हैं?
उत्तर:
इस पुल को एक बार में बीस से भी ज्यादा लोग पार कर सकते हैं।

प्रश्न 3.
तुमने देखा कैसे बच्चे अलग-अलग पुलों की मदद से उबड़-खाबड़ रास्ते और नदियों को पार करके स्कूल पहुँचते हैं।
उत्तर:
हाँ, मैंने देखा कि कैसे बच्चे अलग-अलग पुलों की मदद से उबड़-खाबड़ रास्ते और नदियों को पार करके स्कूल पहुँचते हैं।

प्रश्न 4.
अगर तुम्हें मौका मिले, तो तुम कौन-से पुल से जाना चाहोगे? क्यों?
उत्तर:
मैं सीमेंट के बने पुल से जाना चाहूँगा। क्योंकि सीमेंट से बना पुल बाँस या रस्सी से बने पुल की अपेक्षा ज्यादा सुरक्षित होता है। सीमेंट के बने पुल पर चलना भी बॉस या रस्सी के पुल से ज्यादा आसान है।

प्रश्न 5.
स्कूल जाने के लिए क्या तुम भी कोई पुल पार करते हो? वह पुल कैसा दिखाई देता है?
उत्तर:
मेरे स्कूल जाने के रास्ते में कोई पुल नहीं पड़ता है, परन्तु मैंने सीमेंट के बने पुल के ऊपर से पार किया है।

प्रश्न 6.
अपने दादा-दादी से पता करो कि उनके बचपन के समय में पुल कैसे होते थे?
उत्तर:
मेरे दादा-दादी के जमाने में भी सीमेंट से बने पुल हुआ करते थे। उस समय बाँस या रस्सी से बने कुछ ही पुल बच गये थे।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 4)
अपने आस-पास किसी पुल या पुलिया को देखो और उसके बारे में कुछ बातें पता करो
प्रश्न 1.
वह कहाँ बना है-पानी पर, सड़क पर, पहाड़ों के बीच या कहीं और?
उत्तर:
यह पुल पानी पर बना हुआ है।

प्रश्न 2.
पुल को कौन-कौन पार करता है? लोग ही जाते हैं या जानवर और गाड़ियाँ भी?
उत्तर:
उस पुल को नदी के उस पार आने जाने वाले सभी लोग पार करते हैं। उस पुल से होकर जानवर तथा गाड़ियाँ भी गुजरती हैं।

प्रश्न 3.
क्या वह पुले पुराना-सा लगता है या नया ?
उत्तर:
वह पुल बहुत पुराना नहीं लगता है।

प्रश्न 4.
पता करो कि वह पुल किन-किन चीजों से बना है? उन चीजों की सूची बनाओ।
उत्तर:
यह पुल सीमेंट, गिट्टी, लोहे की छड़ें, अलकतरा, आदि से बना है।

प्रश्न 5.
उस पुल का चित्र कॉपी में बनाओ। पुल पर चलती ट्रेन, गाड़ियाँ, जानवर और लोग दिखाना मत भूलना।
उत्तर:
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प्रश्न 6.
सोचो, अगर वह पुल नहीं होता, तो क्या-क्या परेशानियाँ होतीं? कुछ अन्य तरीके देखें, जिनसे बच्चे स्कूल पहुँचते
उत्तर:
यदि पुल नहीं होते तो हमें नदी को पार करने में काफी दिक्कत आती। हमें नाव से नदी पार करना होता, जिसमें समय भी अधिक लगता तथा दिक्कतें भी होतीं।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 5)
प्रश्न 1.
क्या तुमने किसी और तरह की नाव देखी है?
उत्तर:
हाँ, मैने कई बड़ी नाव भी देखी हैं।

प्रश्न 2.
पानी पार करने के और क्या तरीके हो सकते हैं?
उत्तर:
पानी को पुल के अलावे नाव, जहाज, हवाई जहाज से या तैर कर पार किया जा सकता है।

प्रश्न 3.
क्या तुम भी कभी उँट-गाड़ी या ताँगे पर बैठे हो?
उत्तर:
हाँ, मैं ताँगे पर बैठा हूँ।

प्रश्न 4.
कहाँ? खुद चढ़े थे या किसी ने बिठाया था?
उत्तर:
मैं अपने दादाजी के घर जाते समय ताँगे पर चढ़ा था। मेरे चाचा ने मुझे उस पर बैठने में मेरी मदद की थी।

प्रश्न 5.
तुम्हें उस गाड़ी पर बैठकर कैसा लगा?
उत्तर:
मुझे ताँगे में बैठकर काफी मजा आया।

प्रश्न 6.
अपना अनुभव कक्षा में बताओ।
उत्तर:
दोस्तों!
मैंने इस बार अपने दादाजी के घर जाते समय ताँगे की सवारी की। ताँगा एक लकड़ी से बना हुआ गाड़ी होता है। तुम जानते हो! ताँगे को चलाने के लिए घोड़े का उपयोग किया जाता है न कि किसी इंजन का।। ताँगे की सवारी मेरे लिए काफी मजेदार थी। मैं चाहता हूँ कि जब भी तुम्हें अवसर मिले, ताँगे की सवारी अवश्य करना।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 6)
बैलगाड़ी
प्रश्न 1.
क्या तुम्हारे यहाँ भी बैलगाड़ियाँ होती हैं?
उत्तर:
हाँ हमारे गाँव में कई बैलगाड़ियाँ हैं।

प्रश्न 2.
क्या उसमें छत होती है?
उत्तर:
कुछ बैलगाड़ियों में छत बनाई जाती है।

प्रश्न 3.
उसके पहिये कैसे होते हैं?
उत्तर:
बैलगाड़ी के पहिये लकड़ी के बने होते हैं। कुछ बैलगाड़ी में टायर के पहिये भी होते हैं।

प्रश्न 4.
बैलगाड़ी का चित्र कॉपी में बनाओ।
उत्तर:
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साईकिल की सवारी
प्रश्न 1.
तुम्हारे स्कूल में कितने बच्चे साइकिल से आते हैं?
उत्तर:
हमारे स्कूल में बहुत सारे बच्चे साइकिल से आते हैं। मैं भी साइकिल से स्कूल जाता हूँ।

प्रश्न 2.
क्या तुम्हें साइकिल चलानी आती है? यदि हाँ तो किससे सीखी?
उत्तर:
हाँ मुझे साइकिल चलानी आती है। मैंने साइकिल चलानी अपने एक दोस्त से सीखी।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 7)
जुगाड़
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प्रश्न 1.
क्या तुम्हारे इलाके में भी इस तरह की गाड़ी होती है?
उत्तर:
हाँ, हमारे इलाके में भी इस तरह की गाड़ियाँ होती हैं। लेकिन उसमें पम्पसेट का ईंजन लगा होता है।

प्रश्न 2.
तुम्हारे यहाँ इसे क्या कहते हैं?
उत्तर:
वहाँ इसे पम्प सेट गाड़ी कहते हैं।

प्रश्न 3.
तुम ऐसी गाड़ी में बैठना पसंद करोगे? क्यों?
उत्तर:
हाँ, मैं इस तरह की गाड़ी में बैठना पसंद करूंगा। क्योंकि इसकी सवारी का अलग आनंद है।

प्रश्न 4.
क्या तुम बता सकते हो, इसे ‘जुगाड़’ क्यों कहते हैं?
उत्तर:
चूँकि इस तरह की गाड़ियाँ भिन्न प्रकार के पुराने सामानों का उपयोग करके बनायी जाती है, जिसका उपयोग सामान्य गाड़ियों में नहीं किया जाता है इसलिये इसे जुगाड़ कहते हैं।

प्रश्न 5.
जुगाड़ पुराने बचे सामान के इस्तेमाल से बनता है। तुम भी कुछ चीजों के जुगाड़ से कोई नई चीज बनाओ।
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उत्तर:
मैंने पुराने गत्ते का उपयोग करके पेन रखने का स्टैंड बनाया है।

प्रश्न 6.
सोचो क्या ऐसी कोई जगह है, जहाँ इनमें से कोई भी गाड़ी नहीं पहुँच सकती?
उत्तर:
हाँ, ऐसी कई जगहे हैं, जहाँ इनमें से कोई भी गाड़ियाँ नहीं पहुँच सकती।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 8)
जंगल से जाते बच्चे
प्रश्न 1.
क्या तुम कभी घने जंगल या ऐसी किसी जगह से गुजरे हो? कहाँ?
उत्तर:
हाँ, एक बार मैं अपने माता-पिता के साथ नेशनल पार्क देखने गया था, जहाँ हमलोग काफी घने जंगल से गुजरे।

प्रश्न 2.
अपने अनुभवों के बारे में कॉपी में लिखो।
उत्तर:
जंगल में बहुत पेड़ पौधे होते हैं। यह एक बड़े क्षेत्रफल में फैला होता है, इसमें बहुत सारे पशु-पक्षी रहते हैं। वहाँ मैंने बहुत सारे जानवर, पक्षी, पेड़ एवं पौधों को देखा। जंगल में घूमना मुझे काफी अच्छा लगा।।

प्रश्न 3.
क्या तुम कुछ पक्षियों को उनकी आवाजों से पहचान सकते हो?
उत्तर:
हाँ, मैं बहुत सारी पक्षियों को उनकी आवाज से पहचान सकता हूँ। जैसे-कोयल, कौवा, हंस, आदि।

प्रश्न 4.
कितनों की आवाज खुद निकाल सकते हो?
उत्तर:
कई सारी पक्षियों जैसे कौवा, कोयल, मुर्गा, आदि की आवाजें मैं खुद निकाल सकता हूँ।

प्रश्न 5.
आवाज निकालो।
उत्तर:
स्वयं करो।।

बर्फ पर चलते बच्चे
प्रश्न 1.
क्या तुमने इतनी ज्यादा बर्फ देखी है? कहाँ? फिल्मों में या कहीं और?
उत्तर:
हाँ, मैंने टी.वी. पर इतनी ज्यादा बर्फ देखी है।

प्रश्न 2.
क्या ऐसी जगहों पर हमेशा ही बर्फ रहती है? क्यों?
उत्तर:
हाँ, उन जगहों का तापमान शून्य से भी कम होने के कारण हमेशा ही बर्फ रहती है।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 9)
ऊबड़-खाबड़ पथरीले रास्ते
प्रश्न 1.
क्या स्कूल पहुँचने में तुम्हें भी कोई परेशानी होती है?
उत्तर:
नहीं, मुझे स्कूल पहुँचने में कोई परेशानी नहीं होती है।

प्रश्न 2.
तुम्हें किस महीने में स्कूल जाना सबसे अच्छा लगता है? क्यों?
उत्तर:
मुझे गर्मियों में स्कूल जाना सबसे अच्छा लगता है। क्योंकि गर्मियों में प्रातःकालीन स्कूल होता है तथा छुट्टियाँ जल्दी हो जाती हैं। तो फिर मेरी चाल देखना! मैदान में या स्कूल में किसी खुली जगह पर सब बच्चे इकट्टे हो जाओ। अब नीचे दी गई स्थितियों में तुम कैसे चलोगे, करके दिखाओ

प्रश्न 3.
अगर जमीन एकदम गुलाब की पंखुड़ियों जैसी हो।
उत्तर:
ऐसे जमीन पर चलना काफी अच्छा लगेगा।

प्रश्न 4.
अगर जमीन काँटों-भरे मैदान में बदल गई हो और आस-पास ऊँची-ऊँची घास हो।
उत्तर:
ऐसी जमीन पर चलना काफी कठिन है। चलने के समय ध्यान से चलना होगा ताकि काँटे न चुभ जायें।

प्रश्न 5.
अगर जमीन ठंडी-ठंडी बर्फ से ढंक गई हो।
उत्तर:
इस स्थिति में मैं छोटे छोटे कदमों से काफी ध्यान से चलूंगा, क्योंकि ऐसी जगह काफी फिसलन भरी होगी।

प्रश्न 6.
क्या हर बार तुम्हारी चाल बदली?
उत्तर:
हाँ, हर बार अलग स्थिति में मेरी चाल बदली।

एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्यपुस्तक (पृष्ठ संख्या 10)
बताओ
प्रश्न 1.
क्या तुम्हारे स्कूल में भी सजा मिलती हैं? किस तरह की सजा मिलती है?
उत्तर:
हाँ। मेरे स्कूल में बच्चों को बेंच पर खड़ा कर दिया जाता है।

प्रश्न 2.
तुम क्या सोचते हो स्कूल में सजा होनी चाहिए?
उत्तर:
मेरे अनुसार, स्कूल में सजा नहीं होनी चाहिए।

प्रश्न 3.
क्या सजा देना ही गलत काम के सुधार का तरीका है?
उत्तर:
नहीं। सजा से बेहतर है बच्चे को समझाया जाना।

प्रश्न 4.
स्कूल के लिए ऐसे नियम बनाओ, जिससे बिना सजा के स्कूल में सुधार हो।
उत्तर:
बच्चे को खुद अपनी भूल का एहसास करने देना चाहिए। प्रत्येक भूल के लिए बच्चे को ही तय करने देना चाहिए कि उसके बदले उसे कितना ज्यादा पढ़ना है। अच्छे काम के लिए उन्हें पुरस्कार दिया जाय। शिक्षक बच्चों को प्यार करें।

प्रश्न 5.
अपने सपनों के स्कूल’ का चित्र कॉपी में बनाओ।
उत्तर:
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